· आईएसआईएस (ISIS) से प्रभावित था हमलावर:
जांच में यह बात सामने आई है कि 29 वर्षीय ओमान का नागरिक अल-हम्मामी आतंकी संगठन आईएसआईएस (ISIS) की विचारधारा से बुरी तरह प्रभावित था और उसने सीरिया में आतंकवाद की ट्रेनिंग भी ली थी। कॉकपिट में छानबीन के दौरान उसके पास से भारी मात्रा में चरमपंथी सामग्री और साहित्य बरामद हुआ है, जो उसके पूरी तरह कट्टरपंथी होने का सबूत देता है।
· विमान उड़ाने पर लगा बैन:
हमले के तुरंत बाद जब मुख्य पायलट ने सूझबूझ से काम लिया और सह-पायलट को काबू किया, तो उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया। इस घटना के बाद अल-हम्मामी पर हमेशा के लिए विमान उड़ाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
· अलकायदा के प्रति भी थी सहानुभूति:
वह पिछले करीब 8 महीनों से फ्लाईदुबई एयरलाइंस के साथ काम कर रहा था। जांच में पता चला है कि वह आईएसआईएस के साथ-साथ आतंकी संगठन अलकायदा के प्रति भी गहरी सहानुभूति रखता था। हालांकि, उसने इस भयानक वारदात को अंजाम देने के लिए ठीक इसी समय को क्यों चुना, इसकी बारीकी से जांच की जा रही है।