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भारत उसी भाषा का उपयोग करेगा जो दूसरा पक्ष समझे: राजनाथ

✍ Mamta Singh 📅 25 सितंबर 2026 👁 45 बार पढ़ा गया
भारत उसी भाषा का उपयोग करेगा जो दूसरा पक्ष समझे: राजनाथ

नई दिल्ली I रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश की सुरक्षा और विदेशी रणनीतियों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि देश की संप्रभुता के लिए कूटनीति और सैन्य क्षमताओं के बीच संतुलन होना बेहद आवश्यक है। रक्षा मंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि वर्तमान में भारत के पास "तर्क की शक्ति" और "शक्ति का तर्क" दोनों ही मौजूद हैं, और भारत किसी भी देश को उसी की भाषा में जवाब देगा जिसे वह समझता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति को अब पारंपरिक भौगोलिक सीमाओं स

युद्ध की स्थिति में कोई भी जगह सुरक्षित नहीं : सीडीएस जनरल सुब्रह्मण्यि इसी रक्षा कॉन्क्लेव में बोलते हुए सीडीएस  जनरल एनएस राजा सुब्रह्मण्यि ने भी भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में युद्ध की स्थिति होने पर कोई भी जगह पूरी तरह सुरक्षित नहीं रह गई है।
जनरल सुब्रह्मण्यि ने सचेत करते हुए कहा कि देश अब एक समय में सिर्फ एक युद्ध की तैयारी करने का जोखिम बिल्कुल नहीं उठा सकता। इसका कारण यह है कि भविष्य के युद्ध क्षेत्र कई अलग-अलग क्षेत्रों में एक साथ, आपस में जुड़े हुए और बेहद कड़े मुकाबले वाले होंगे। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि आज के दौर में सीखने की गति और बदलते हालात के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता ही युद्ध जीतने की सबसे महत्वपूर्ण काबिलियत बन चुकी है।
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