5 अक्टूबर 2026, सोमवार
ब्रेकिंग
बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत 13 IAS और 25 PCS अधिकारियों के तबादले हाकी में 'सोने पर सुहागा': एशियाई खेलों में भारतीय पुरुष हॉकी टीम की ऐतिहासिक जीत, 2028 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई I पाकिस्तान हुआ पस्त, भारत ने रचा इतिहास ! 19 रन से जीतकर जीता एशियन गेम्स गोल्ड, फ्लाईदुबई विमान को हाईजैक करने की साजिश, भारतीय पायलट पर हमला करने वाले सह-पायलट की हुई पहचान स्नातक उत्तीर्ण शीर्ष 50 हजार बेटियों को अगले महीने मिलेंगे स्कूटर : मुख्यमंत्री योगी 2027 वनडे विश्व कप का पूरा कार्यक्रम जारी -- 10 अक्टूबर को जोहान्सबर्ग में आमने-सामने होंगे भारत और पाकिस्तान
राज्य

आजमगढ़ हत्याकांड: कैसे महामृत्युंजय जाप के बीच बिछ गईं 5 लाशें?

✍ Mamta Singh 📅 23 सितंबर 2026 👁 44 बार पढ़ा गया
आजमगढ़ हत्याकांड: कैसे महामृत्युंजय जाप के बीच बिछ गईं 5 लाशें?

आजमगढ़ 22 सितंबर 2026 I उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार की शाम को एक गंभीर आपराधिक वारदात सामने आई है। खबरों के अनुसार, एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और दो पुरोहितों की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई और जवाबी मुठभेड़ में आरोपी और उसके एक बेटे की भी मृत्यु हो गई, जिससे इस घटना में कुल 5 लोगों की जान गई है। घटनाक्रम इस प्रकार हैं:

विवाद की पृष्ठभूमि

बताया जा रहा है कि आरोपी अरविंद सिंह की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी, जिसके सुधार के लिए उसकी पत्नी बबीता सिंह ने घर में धार्मिक अनुष्ठान (महामृत्युंजय जाप) आयोजित किया था। पिछले तीन दिनों से घर में पुरोहित पूजा संपन्न करा रहे थे। मंगलवार शाम जब अरविंद घर लौटा, तो उसने पूजा कर रहे पुरोहितों से पहचान पत्र (आधार कार्ड) की मांग की। इसी विषय पर शुरू हुए विवाद के बाद आरोपी ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग कर दी।

तीन लोगों की मृत्यु

बबीता सिंह (आरोपी की पत्नी)

पंडित महेंद्र पाठक (पुरोहित)

एक अन्य पुरोहित (महेंद्र पाठक के रिश्तेदार)

वहां मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने भागकर सुरक्षा सुनिश्चित की और तुरंत पुलिस को इस संबंध में सूचित किया। इस कृत्य के बाद आरोपी ने अपने तीन बच्चों को एक कमरे में बंद कर लिया और स्वयं को भी अंदर सुरक्षित कर लिया।

पुलिस की कार्रवाई और मुठभेड़

सूचना प्राप्त होते ही जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, एसओजी और एटीएस (ATS) की संयुक्त टीम बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों द्वारा आरोपी को आत्मसमर्पण के लिए समझाने का लंबा प्रयास किया गया। इस दौरान कमरे के भीतर से पुनः फायरिंग की आवाज आई, जिसमें आरोपी का 8 वर्षीय बेटा शौर्य घायल हो गया। सुरक्षा स्थिति को देखते हुए पुलिस टीम ने कमरे में प्रवेश किया, जहां आरोपी की ओर से पुलिस बल पर भी फायरिंग की गई। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ और अन्य बच्चों की सुरक्षा हेतु की गई जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल हो गया।

हताहतों का विवरण

अस्पताल ले जाते समय आरोपी अरविंद सिंह और उसके घायल बेटे शौर्य दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस अन्य दो बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफल रही। इस घटना में कुल 5 लोगों की मृत्यु हुई है I बबीता सिंह,  पंडित महेंद्र पाठक, एक अन्य पुरोहित, शौर्य (8 वर्षीय पुत्र),  अरविंद सिंह (आरोपी) I

टिप्पणियाँ (0)

सबसे पहले टिप्पणी करें।